शिवानी जायसवाल , बीजिंग - चीन की एक सैन्य अदालत ने गुरुवार को देश के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों—वेई फेंगहे (Wei Fenghe) और ली शांगफू (Li Shangfu)—को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में 'सस्पेंडेड डेथ सेंटेंस' (रद्द की जा सकने वाली मौत की सजा) सुनाई है। चीन के सैन्य इतिहास में यह अपनी तरह की सबसे सख्त और बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक, वेई फेंगहे और ली शांगफू पर चीनी सेना (PLA) की रॉकेट फोर्स और सैन्य उपकरणों की खरीद-फरोख्त में करोड़ों की रिश्वत लेने के आरोप सिद्ध हुए हैं। ली शांगफू पर रिश्वत लेने के साथ-साथ रिश्वत देने का भी आरोप है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इन अधिकारियों ने न केवल आर्थिक अपराध किया, बल्कि कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति "विश्वासघात" कर सेना के राजनीतिक माहौल को भी दूषित किया।
अदालत ने दोनों पूर्व मंत्रियों को दो साल की मोहलत के साथ मृत्युदंड दिया है। चीनी कानून के अनुसार, यदि अगले दो वर्षों तक जेल में उनका आचरण सही रहता है, तो इस सजा को आजीवन कारावास. में बदल दिया जाएगा। हालांकि, आजीवन कारावास में बदलने के बाद भी उन्हें भविष्य में कभी भी 'पैरोल' (जमानत) या सजा कम करने की कोई सुविधा नहीं मिलेगी।
सजा के साथ ही दोनों अधिकारियों की सभी निजी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, उनके सैन्य पद, पदक और सभी राजनीतिक अधिकार उम्रभर के लिए छीन लिए गए हैं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा सेना में चलाए जा रहे 'शुद्धिकरण अभियान' के तहत यह फैसला लिया गया है। जानकारों का कहना है कि इतने शीर्ष स्तर के सैन्य अधिकारियों को इतनी कड़ी सजा देकर बीजिंग ने पूरी सेना और प्रशासन को भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' का कड़ा संदेश दिया है।
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