शिवानी जायसवाल , अमेरिका - टेक दिग्गज Apple ने अपनी वॉयस असिस्टेंट Siri से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2,000 करोड़ रुपये) के बड़े समझौते पर सहमति जताई है। यह मामला यूज़र्स की प्राइवेसी और AI के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों से जुड़ा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर आरोप लगाया गया था कि Siri के जरिए कुछ यूज़र्स की बातचीत और डेटा का इस्तेमाल बिना स्पष्ट जानकारी या सहमति के किया गया। इस मुद्दे ने दुनियाभर में डेटा सुरक्षा और AI तकनीक की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी थी।
हालांकि Apple ने किसी भी तरह की गलती मानने से इनकार किया है, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचने और विवाद को खत्म करने के लिए यह समझौता किया गया है। कंपनी का कहना है कि वह यूज़र्स की प्राइवेसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए अपनी नीतियों को और मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता टेक इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है, जहां AI आधारित सेवाओं में पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा को लेकर नियम और सख्त हो सकते हैं। आने वाले समय में दूसरी कंपनियों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
यह मामला दिखाता है कि जैसे-जैसे AI तकनीक हमारे जीवन का हिस्सा बनती जा रही है, वैसे-वैसे यूज़र्स के अधिकार और डेटा सुरक्षा भी उतने ही अहम होते जा रहे हैं।
फ्रांस और स्पेन में भीषण गर्मी के बीच जंगलों की आग ने पैदा किए दुर्लभ पाइरोक्यूम्युलोनिम्बस
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार एक व्यापारी जहाज पर हमला
ईरान का दावा- मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले, 11 बेस बनाए निशाना
अमेरिकी शीर्ष जनरल का बड़ा दावा
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, किसान घाट पर जताया विरोध
NEET पेपर लीक को लेकर विरोध तेज, जवाबदेही और मंत्री के इस्तीफे की मांग
बच्चों की सुरक्षा के लिए UAE का बड़ा फैसला, सोशल मीडिया इस्तेमाल की न्यूनतम उम्र...
ट्रंप के दावे के बाद भी नहीं थमा संघर्ष, लेबनान में नए हमलों में 5 की मौत
चार साल में दूसरी बड़ी टूट की आहट, फिर संकट में ठाकरे की शिवसेना
NTA की गलती से NEET छात्र का परीक्षा केंद्र पहुंचा आबूधाबी, परिवार ने उठाए सवाल