शिवानी जायसवाल , अमेरिका - टेक दिग्गज Apple ने अपनी वॉयस असिस्टेंट Siri से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2,000 करोड़ रुपये) के बड़े समझौते पर सहमति जताई है। यह मामला यूज़र्स की प्राइवेसी और AI के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों से जुड़ा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर आरोप लगाया गया था कि Siri के जरिए कुछ यूज़र्स की बातचीत और डेटा का इस्तेमाल बिना स्पष्ट जानकारी या सहमति के किया गया। इस मुद्दे ने दुनियाभर में डेटा सुरक्षा और AI तकनीक की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी थी।
हालांकि Apple ने किसी भी तरह की गलती मानने से इनकार किया है, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचने और विवाद को खत्म करने के लिए यह समझौता किया गया है। कंपनी का कहना है कि वह यूज़र्स की प्राइवेसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए अपनी नीतियों को और मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता टेक इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है, जहां AI आधारित सेवाओं में पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा को लेकर नियम और सख्त हो सकते हैं। आने वाले समय में दूसरी कंपनियों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
यह मामला दिखाता है कि जैसे-जैसे AI तकनीक हमारे जीवन का हिस्सा बनती जा रही है, वैसे-वैसे यूज़र्स के अधिकार और डेटा सुरक्षा भी उतने ही अहम होते जा रहे हैं।
ईरान को लेकर Operation Epic Fury के दावे पर मचा भ्रम, कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी के बाद कुछ समय के लिए सुरक्षा कड़ी की गई
ईरान को लेकर अमेरिका-नाटो विवाद तेज, ट्रंप ने दी सख्त प्रतिक्रिया
इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे