कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका के पूर्व व्हाइट हाउस ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो के भारत के खिलाफ विवादित बयानों की कड़ी आलोचना की है। थरूर ने कहा कि इस प्रकार की भाषा की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, खासकर तब जब भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। पीटर नवारो ने भारत को "महाराजा ऑफ़ टैरिफ" और "रूस की लॉन्ड्रोमेट" कहकर संबोधित किया था और यूक्रेन संघर्ष को "मोदी की युद्ध नीति" के रूप में वर्णित किया था। इन टिप्पणियों ने भारत में काफी असंतोष और नाराजगी पैदा की।
एनआई के साथ बातचीत में थरूर ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के कारण पहले ही भारत में काफी असर पड़ा है और नवारो के अपमानजनक बयान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 30 वर्षों से चल रहे रिश्तों में कोई विशेष समस्या नहीं है, जो लगातार और करीब हो रही है, तो भारत के बारे में इस तरह की भाषा क्यों उपयोग की जा रही है।
थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति की भी आलोचना की और इसे "जादुई उपकरण" बताया, जो कई मुद्दों को हल करने का दावा करते हैं, जैसे व्यापार घाटे को कम करना और राजनीतिक एजेंडों को आगे बढ़ाना। उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह के कदम प्रभावी नहीं हो सकते और इससे द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान हो सकता है।
यह विवाद अमेरिका और भारत के बीच व्यापार नीतियों, विशेषकर टैरिफ और ऊर्जा समझौतों को लेकर चल रही तनावपूर्ण परिस्थितियों को उजागर करता है। थरूर की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि भारत सम्मानजनक संवाद और आपसी समझ के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान चाहता है। उनके बयान ने यह स्पष्ट किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान और गरिमा के साथ अपनी स्थिति बनाए रखना चाहता है।
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