शिवानी जायसवाल , नई दिल्ली - देश की राजधानी में छात्रों ने बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की है। छात्रों ने कहा है कि वे 20 जून को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और एक मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। इस घोषणा के बाद राजनीतिक और शैक्षिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर अब छात्रों ने संगठित होकर विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया है।
प्रदर्शन की तैयारी के लिए कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बैठकों का दौर जारी है। छात्र संगठनों ने कहा है कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
प्रशासन ने भी इस घोषणा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्र नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सामने रखना है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना है। उन्होंने अन्य छात्रों से भी अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज मजबूत करें।
फिलहाल पूरे मामले पर नजर बनी हुई है और 20 जून को होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन और छात्रों दोनों की तैयारियां तेज हो गई हैं।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे