शिवानी जायसवाल , कोटा - कोटा के एक सरकारी अस्पताल में पांच गर्भवती महिलाओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद अस्पताल में इस्तेमाल की गई दवाओं और इंजेक्शनों की जांच शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि महिलाओं की तबीयत प्रसव के बाद अचानक बिगड़ गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। लगातार सामने आए इन मामलों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। अस्पताल में उपयोग किए गए इंजेक्शनों और दवाओं के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के सही कारणों का पता चल सकेगा।
मृतक महिलाओं के परिवारों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की नजर बनी हुई है। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे इस दुखद घटना की असली वजह सामने आ सके।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे