पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज की छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले पर एक विवादित बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने सवाल किया, “वह रात 12:30 बजे बाहर क्यों थी?” इस टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री पर ‘पीड़िता को दोष देने’ (victim blaming) के आरोप लग रहे हैं।
ममता बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कॉलेज प्रशासन को यह देखना चाहिए कि छात्राएं देर रात हॉस्टल से बाहर न जाएं। उन्होंने कहा, “लड़कियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, लेकिन कॉलेजों को भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कोई भी लड़की देर रात बाहर नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
हालांकि, पीड़िता के परिवार का कहना है कि उन्हें कॉलेज प्रशासन ने रात 9:30 बजे ही घटना की जानकारी दी थी, जिससे संकेत मिलता है कि वारदात संभवतः मध्यरात्रि से पहले हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़िता अपने एक मित्र के साथ भोजन करने बाहर गई थी और वापसी के दौरान कॉलेज के पास जंगल क्षेत्र में यह घटना हुई।
विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी की टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस और बीजेपी नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री को पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाने के बजाय कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। महिला संगठनों ने भी कहा कि ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को कमजोर करते हैं।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे