उत्तराखंड में स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप सिंह की रहस्यमयी मौत ने राज्यभर में सनसनी फैला दी है। उनकी मौत को लेकर हत्या की आशंकाएँ गहराती जा रही हैं, जिसके चलते राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सिंह के शरीर पर अंदरूनी चोटों के निशान पाए गए, जिससे यह संदेह और गहरा गया कि उनकी मौत सामान्य नहीं थी। वहीं, उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि राजीव को लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। उनका कहना है कि राजीव ने हाल ही में कई वीडियो बनाकर स्थानीय अव्यवस्था और खराब बुनियादी ढांचे को उजागर किया था, जिसके कारण कुछ लोग उनसे नाराज़ थे।
जनता और मीडिया में बढ़ते दबाव के बीच उत्तराखंड सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम का गठन किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा—क्या उनकी पत्रकारिता और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ रिपोर्टिंग ने उन्हें किसी साजिश का शिकार बनाया।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे