उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 7 अक्टूबर की शाम को देश के प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं से औपचारिक मुलाकात करेंगे। यह बैठकें उनके हाल ही में उपराष्ट्रपति पद और राज्यसभा के सभापति का कार्यभार संभालने के बाद विपक्ष के साथ पहली बड़ी संवाद प्रक्रिया मानी जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, राधाकृष्णन इस बैठक के माध्यम से संसद में सहयोग और संवाद का माहौल बनाने की दिशा में कदम उठाना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि विपक्षी नेताओं के साथ चर्चा आगे भी जारी रहेगी ताकि आगामी संसद सत्रों में बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल संसद के ऊपरी सदन में बढ़ते राजनीतिक तनाव और ध्रुवीकरण को कम करने में मददगार हो सकती है। हाल के वर्षों में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखे मतभेद देखे गए हैं, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है। ऐसे में उपराष्ट्रपति की यह पहल संवाद बहाली की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति का पद संभालने के तुरंत बाद ही यह स्पष्ट किया था कि वह सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर चलने के पक्षधर हैं और राज्यसभा को विचार-विमर्श का मंच बनाए रखना चाहते हैं, न कि टकराव का।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे