दिल्ली की एक अदालत ने स्वयंघोषित ‘गुरु’ स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को यौन उत्पीड़न के मामले में 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।
पुलिस ने अदालत से यह कस्टडी इसलिए मांगी क्योंकि उन्हें आरोपी से पूछताछ करनी है, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्राप्त करना है और अन्य आरोपितों तक पहुँचने का मार्ग तलाशना है।
चैतन्यानंद, जिनकी उम्र 62 वर्ष बताई जाती है, पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के एक संस्थान में कई महिला छात्रों के साथ यौन उत्पीड़न किया। आरोपियों ने महिलाओं को देर रात उनके आवास आने के लिए दबाव बनाने, अश्लील संदेश भेजने और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने के दावे किए गए हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद चैतन्यानंद की आगरा में गिरफ्तारी की। गिरफ्तारी के समय उनसे एक iPad और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें से एक में संस्थान के सीसीटीवी फुटेज तक पहुँच थी।
अदालत में उनके वकील ने कहा कि उन्हें जलीय (judicial) कस्टडी दी जाए, क्योंकि पुलिस कस्टडी से छेड़खानी या उत्पीड़न हो सकता है।
इस मामले की प्रारंभिक एफआईआर में लगभग 32 अन्य महिलाओं का नाम है, जिनमें से 16 ने स्वयं बयान दिया है।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे