दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। मंगलवार को पांच से अधिक निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इस स्थिति ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों में।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण हैं बढ़ता वाहन उत्सर्जन, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक धुआं और मौसमी बदलाव। मानसून के बाद ठंडी हवाओं और धीमी वायु गति के कारण प्रदूषक कण जमीन के पास ही फंसे रह जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आती है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार, द्वारका, पंजाबी बाग, आर.के. पुरम और वज़ीरपुर जैसे इलाकों में AQI 300 से अधिक दर्ज किया गया। कुछ जगहों पर यह 350 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ स्थिति के बेहद करीब है।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे