भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में युवा तेज गेंदबाज हरषित राणा का समर्थन करते हुए कहा कि क्रिकेट पर बहस करते समय किसी खिलाड़ी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। उनका यह बयान उस समय आया है जब टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर ने राणा के खिलाफ की गई आलोचनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
अश्विन, जिन्होंने कुछ समय पहले राणा के चयन पर सवाल उठाए थे, अब अपने रुख में बदलाव लाते हुए कहा कि आलोचना हमेशा प्रदर्शन के आधार पर होनी चाहिए, न कि किसी की निजी जिंदगी या व्यक्तित्व को निशाना बनाकर। उन्होंने कहा, “मैंने अपने करियर में आलोचना झेली है, लेकिन जब तक वह व्यक्तिगत नहीं होती, मैं उसे बुरा नहीं मानता।”
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर युवा खिलाड़ियों को ट्रोल करना उनके आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन को नुकसान पहुंचा सकता है। अश्विन ने अपील की, “खिलाड़ी की तकनीक पर बात करें, उसके चरित्र पर नहीं। हमें याद रखना चाहिए कि नकारात्मकता से व्यूज़ तो मिल सकते हैं, लेकिन इससे किसी का करियर भी टूट सकता है।”
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