बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी “दोमुंही” है, जो दलितों को केवल तब याद करती है जब उसे राजनीतिक लाभ की जरूरत होती है। मायावती ने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने दलितों के सम्मान से जुड़ी स्मारकों, पार्कों और संस्थानों की अनदेखी की है, जिससे वे बदहाल हालत में पहुंच गए हैं।
मायावती ने कहा कि सपा का दलित प्रतीकों और नेताओं के प्रति अचानक दिखाया गया सम्मान सिर्फ चुनावी रणनीति है, न कि सच्ची सहानुभूति। उन्होंने कहा कि सपा ने कभी भी डॉ. भीमराव अंबेडकर, कांशीराम और अन्य दलित नायकों के योगदान को सही मायने में सम्मान नहीं दिया। इसके विपरीत, उसने बसपा शासनकाल में बनाए गए स्मारकों और संस्थानों की मरम्मत तक नहीं करवाई।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा अब बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जबकि जब उनका निधन हुआ था तब सपा सरकार ने राज्य में शोक तक की घोषणा नहीं की थी। मायावती ने इसे “राजनीतिक नाटक” बताया और कहा कि सपा अब दलित मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे