दिल्ली हाई कोर्ट ने करिश्मा कपूर और स्व. व्यवसायी संजय कपूर के बच्चों सैमाइरा और किआन राज कपूर को उनके पिता की वसीयत पर सवाल उठाने का अधिकार दिया है। अदालत का यह फैसला उस समय आया जब संजय कपूर की विधवा प्रिय सचदेव कपूर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए संपत्ति और देनदारियों की सूची को सील किए गए कवर में प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी थी।
अदालत ने इस मांग को स्वीकार्य नहीं माना और कहा कि बच्चों को संभावित लाभार्थी होने के नाते जानकारी तक पहुंच होना जरूरी है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि यदि संपत्ति की जानकारी गोपनीय रखी जाती है, तो बच्चों के लिए वसीयत को सत्यापित करना और आवश्यक होने पर चुनौती देना मुश्किल हो जाएगा।
यह निर्णय उत्तराधिकार मामलों में पारदर्शिता और वारिसों के कानूनी अधिकार को महत्वपूर्ण मानता है। अदालत ने जोर दिया कि बच्चों का हित सुनिश्चित करना सर्वोपरि है और संपत्ति से संबंधित सभी विवरण उनके लिए उपलब्ध होने चाहिए।
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि इसमें उच्च प्रोफाइल हस्तियों और बड़ी संपत्ति शामिल है। अगली सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की गई है, जिसमें संपत्ति के वितरण और आगे की प्रक्रिया तय होगी।
अदालत का यह फैसला बॉलीवुड और व्यापार जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल है, जो यह स्पष्ट करता है कि किसी भी संपत्ति या वसीयत के मामले में पारिवारिक सदस्यों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। करिश्मा कपूर के बच्चे अब अपने पिता की वसीयत और संपत्ति पर उचित जांच करने में सक्षम होंगे, जिससे न्याय सुनिश्चित होगा।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे