केरल के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. हैरिस चिरक्कल ने मोहनलाल की हालिया फिल्म 'हृदयपूर्वम्' में अंग प्रत्यारोपण से संबंधित चिकित्सा तथ्यों की गलत प्रस्तुति पर आपत्ति जताई है। थिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. हैरिस ने फिल्म में अंग प्रत्यारोपण के बाद की देखभाल को हास्य का विषय बनाए जाने की आलोचना की है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "फिल्म में अंग प्रत्यारोपण के बाद के देखभाल के महत्व को नजरअंदाज किया गया है, और इसे मजाक का विषय बना दिया गया है।"
डॉ. हैरिस ने बताया कि अंग प्रत्यारोपण के बाद रोगी को संक्रमण से बचने के लिए विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है, और दुर्घटनाओं या संघर्षों से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हृदय केवल एक अंग है जो रक्त पंप करता है, उसमें कोई 'भावनाएँ' नहीं होतीं, जैसा कि फिल्म में दर्शाया गया है। फिल्म के निर्देशक सत्यन आनंदिक्कड़ और अभिनेता मोहनलाल की सराहना करते हुए डॉ. हैरिस ने कहा कि उनकी आलोचना फिल्म के समग्र मूल्यांकन को प्रभावित नहीं करती, बल्कि केवल एक विशेष चिकित्सा त्रुटि पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है।
हृदयपूर्वम्' 28 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अब 26 सितंबर से JioHotstar पर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। यह घटना दर्शाती है कि फिल्म निर्माताओं को चिकित्सा तथ्यों की सटीकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि दर्शकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और फिल्म की विश्वसनीयता बनी रहे।
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