सोमवार रात हुई भारी बारिश ने कोलकाता के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है, जिससे दुर्गा पूजा की तैयारियों पर बड़ा असर पड़ा है। सबसे अधिक प्रभावित वे पंडाल हैं, जहां मूर्तियों और सजावट का काम अंतिम चरण में था। लगातार बारिश और पानी भरने के कारण कई पंडालों में लगी कलाकृतियां और लकड़ी के स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
एमजी रोड, जोधपुर पार्क, बालीगंज, रवींद्र सदन और सेंट्रल एवेन्यू जैसे निचले इलाकों में घुटने तक पानी भरा हुआ है। पानी निकालने के लिए नगर निगम द्वारा पंपिंग का काम लगातार किया जा रहा है, लेकिन अब भी कई जगहों पर हालात गंभीर बने हुए हैं। बिजली आपूर्ति कंपनी सीईएससी (CESC) ने एहतियात के तौर पर कई क्षेत्रों में बिजली काट दी है, क्योंकि पानी के कारण जंक्शन बॉक्स और मीटर के पास करंट लगने का खतरा बढ़ गया है।
फोरम फॉर दुर्गोत्सव, जो कोलकाता और हावड़ा के लगभग 500 पंडालों का प्रतिनिधित्व करता है, ने जानकारी दी कि बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान लकड़ी और प्लाईवुड से बने पंडालों को हुआ है। जयश्री दमदम क्लब का एक पंडाल आंशिक रूप से ध्वस्त हो गया। आयोजकों का कहना है कि यह समय बेहद संवेदनशील था क्योंकि पूजा से पहले अंतिम तैयारियां चल रही थीं।
कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने माना कि कुछ क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम की कमी है, जैसे बिड़ला तारामंडल (Birla Planetarium) के पास, जहां झील का पानी सड़क पर आ गया है। उन्होंने कहा कि सभी पंपिंग स्टेशन काम कर रहे हैं और अगर अब और बारिश नहीं होती है, तो जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सकता है।
वहीं, विपक्षी दलों ने प्रशासन की कड़ी आलोचना की और कहा कि शहर की जल निकासी व्यवस्था में खामियां उजागर हो गई हैं। उन्होंने इसे नगर निगम और राज्य सरकार की नाकामी करार दिया।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे