प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए घोषणा की कि कल से देश में “GST बचत उत्सव” (GST Bachat Utsav) शुरू हो जाएगा, जो NextGen GST सुधारों के तहत नई दरों के लागू होने के साथ आएगा। ये बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे।मोदी ने कहा कि ये सुधार सिर्फ टैक्स में कटौती नहीं हैं बल्कि आम आदमी की जेब को राहत देने का अवसर हैं। दैनिक जरूरत के सामान, बीमा और दवाओं जैसी वस्तुओं की खरीद अब पहले से सस्ती होगी। उनको उम्मीद है कि मध्यम वर्ग और युवा-श्रेणियाँ इससे सीधे लाभान्वित होंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि GST सुधारों के साथ-साथ आयकर में कुछ रियायतों और अन्य आर्थिक कदमों को जोड़ कर सरकार ने अनुमान लगाया है कि सार्वजनिक को कुल मिलाकर लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की बचत होगी। इस बड़ी बचत को मोदी ने गरीबों, नव मध्यम वर्ग (neo-middle class) और मध्यम वर्ग के लिए “दोगुना बोनस” बताया।प्रधानमंत्री ने कहा कि “GST बचत उत्सव” सिर्फ आर्थिक सुधार ही नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम है। उन्होंने लोगों से स्वदेशी (Made-in-India) उत्पादों को अपनाने की अपील की, ताकि घरेलू उद्योग को बल मिले और आय-व्यय में संतुलन बढ़े।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सुधार के बाद टैक्स स्लैबsimplification होगी, कुछ वस्तुओं पर कर दरों में कमी आएगी, और जटिल कर-तुला के कारण पहले जो खर्चा और परेशानियाँ होती थी, उन्हें कम किया जाएगा।कुल मिलाकर, “GST बचत उत्सव” से उम्मीद है कि यह कदम उपभोक्ता खर्च को बढ़ाएगा, बाजारों में मांग को प्रोत्साहित करेगा और अर्थव्यवस्था को गति देगा। अमित अर्थशास्त्रियों और राजनेताओं की नजरें अब इस पर होंगी कि ये बदलाव आम जनता को कितने हद तक महसूस होंगे।
फ्रांस और स्लोवाकिया के छह दिवसीय दौरे पर आज रवाना होंगे प्रधानमंत्री मोदी
पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी अभियान शुरू
उच्च इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर सरकार ने हटाई उत्पाद शुल्क की बाध्यता
सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों के काम के आर्थिक मूल्य को दी मान्यता
मेड-इन-इंडिया एयरबस C295 ने सफलतापूर्वक पूरा किया पहला परीक्षण उड़ान
NEET UG परीक्षा में छात्रों को मिलेगा 15 मिनट का अतिरिक्त समय, परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
लखनऊ में CJP को धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
जामनगर में बनेगा बड़ा एआई डेटा सेंटर, रिलायंस और मेटा की साझेदारी चर्चा में
भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी
इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे