मध्य प्रदेश में खांसी सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले के बाद अब राज्य के एक सरकारी अस्पताल पर नई जांच की आंच पहुंची है। ग्वालियर जिले के मुरार क्षेत्र में एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके बच्चे को दी गई एजिथ्रोमाइसिन (Azithromycin) ओरल सस्पेंशन की बोतल में कीड़े पाए गए। इस शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल से उस दवा की सभी 306 बोतलें सील कर दी हैं और नमूने भोपाल और कोलकाता की प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रारंभिक जांच में बोतलों में कोई स्पष्ट कीड़े नहीं मिले हैं, लेकिन विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि यह दवा एक स्थानीय दवा निर्माता कंपनी द्वारा तैयार की गई थी और बच्चों को सामान्य संक्रमण के इलाज के लिए दी जा रही थी।
यह मामला उस समय सामने आया है जब मध्य प्रदेश में मिलावटी खांसी सिरप पीने से 24 बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार पहले से ही सवालों के घेरे में है। उन सिरपों में “कोल्डरिफ”, “रेस्पीफ्रेश टीआर” और “रीलाइफ” जैसी दवाओं को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी “अमानक” (substandard) करार दिया था।
जोरहाट में एयरफोर्स का AN-32 विमान हादसे का शिकार, तलाश और राहत अभियान तेज
NEET UG परीक्षा में छात्रों को मिलेगा 15 मिनट का अतिरिक्त समय, परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
लखनऊ में CJP को धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
सुप्रीम कोर्ट ने जाति जनगणना के खिलाफ याचिका खारिज की
जामनगर में बनेगा बड़ा एआई डेटा सेंटर, रिलायंस और मेटा की साझेदारी चर्चा में
कोटा अस्पताल में पांच गर्भवती महिलाओं की मौत, जांच तेज
मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून को छात्रों का प्रदर्शन
लालू यादव ने देर रात परिवार के साथ मनाया 79वां जन्मदिन
भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी
NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता: धर्मेंद्र प्रधान
खान सर को राहत, गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक
इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे