अमेरिकी कंजरवेटिव नेता और टर्निंग पॉइंट यूएसए के प्रमुख चार्ली किर्क पर हुए हमले ने पूरे अमेरिका को हिलाकर रख दिया। यह घटना यूटा विश्वविद्यालय में हुई, जहां 25 वर्षीय टायलर रॉबिन्सन ने चार्ली किर्क को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। जांच के दौरान पुलिस को रॉबिन्सन के फोन से कुछ ऐसे टेक्स्ट मैसेज मिले, जिनसे हमले के पीछे की असली वजह सामने आई।
"Enough of his hatred. Some hatred doesn’t go away with talk."अर्थात, “उसकी नफरत बहुत हो गई है। कुछ नफरतें ऐसी होती हैं, जिनका समाधान बातचीत से नहीं होता।इन मैसेज से स्पष्ट हुआ कि चार्ली किर्क की राजनीतिक विचारधारा और बयानों से रॉबिन्सन गुस्से में था और वह इसे समाप्त करना चाहता था।
हमले के दौरान रॉबिन्सन ने विश्वविद्यालय परिसर में गोलियां चलाईं, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। हालांकि, चार्ली किर्क सुरक्षित बच गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया और रॉबिन्सन को गिरफ्तार कर लिया।चार्ली किर्क के समर्थकों ने इसे राजनीतिक असहिष्णुता का खतरनाक उदाहरण बताया। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा को और कड़ा करने का ऐलान किया है।
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