चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और उप-चुनावों के लिए तैनात 425 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की अहम भूमिका को लेकर उन्हें “लोकतंत्र के प्रकाशस्तंभ” बताया है। आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
केंद्रीय पर्यवेक्षक चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त किए जाते हैं और इनका कार्यकाल उनके नियुक्ति के समय से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक चलता है। वे आयोग के सीधे नियंत्रण और अनुशासन में काम करते हैं। इनकी जिम्मेदारियों में चुनाव संचालन की निगरानी, शिकायतों का समाधान, और चुनाव प्रक्रिया की सच्चाई और निष्पक्षता सुनिश्चित करना शामिल है।
चुनाव आयोग ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को लोकतंत्र के प्रकाशस्तंभ बताकर यह स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्ष निगरानी कितना महत्वपूर्ण है। उनकी उपस्थिति मतदाताओं और राजनीतिक दलों के बीच भरोसा और विश्वास पैदा करती है, जिससे चुनाव का माहौल शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बना रहता है।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे