अभिनेत्री लाक्ष्मी मन्चू ने हाल ही में एक वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ formal कार्रवाई की है, उन पर बॉडी शममिंग और ऐज शममिंग टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पत्रकार ने उनके पहनावे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो एक माँ होने और अपनी उम्र को देखते हुए “उपयुक्त नहीं” लगती हैं। लाक्ष्मी ने इस टिप्पणी को केवल व्यक्तिगत नहीं लिया, बल्कि इसे पितृसत्तात्मक मीडिया व्यवहार (misogyny) का एक भाग माना।उन्होंने तेलंगाना फिल्म चेंबर ऑफ कॉमर्स (TFCC) में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि भारत में महिलाओं को सम्मान दिया जाना चाहिए, लेकिन जब वे प्रोफेशनल l क्षेत्र में कदम रखती हैं तो अक्सर उन्हें “कैज़ुअल मिसायनी ,हुमिलिएशन , और डिसरेस्पेक्ट ” का सामना करना पड़ता है।
उनका कहना है कि वे ‘पब्लिक फिगर’ होने के नाते सख्त सवालों, आलोचना और स्क्रूटिनी स्वीकार करेंगी, लेकिन जर्नलिज्म के नाम पर की जाने वाली क्रूरता (cruelty masked as journalism) बर्दाश्त नहीं करेंगी। लाक्ष्मी द्वारा मांग की गई है कि पत्रकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और TFCC इस तरह की घटना को पुनरावृत्ति न हो, इस बात का भरोसा दिलाए कि अन्य महिलाएं इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियों का सामना न करें। “रेस्पेक्ट इस नॉट ऑप्शनल ,अकॉउंटबिलिटी इस नॉट नेगोशिएबल ,” उन्होंने कहा।
इसके अलावा, लाक्ष्मी ने फिल्म उद्योग में तलाकशुदा महिलाओं के प्रति छुपे पूर्वाग्रहों (bias) पर भी बात की है। उन्होंने उदाहरण दिया कि एक सुपरस्टार की एक्स-वाइफ़ को तलाक के बाद जो भूमिकाएं मिलती थीं, वो वापस ले ली गईं; कहा जाता है कि धार्मिक, पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के कारण महिलाओं की आज़ादी कम आंकी जाती है। वर्तमान में लाक्ष्मी अपनी नई फिल्म Daksha: A Deadly Conspiracy का प्रमोशन कर रही हैं, जिसका रिलीज़ 20 सितंबर को है।
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