शिवानी जायसवाल , मणिपुर - सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन KCP-PWG से जुड़े 46 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। आत्मसमर्पण के दौरान उन्होंने 28 हथियार और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी सुरक्षा एजेंसियों के हवाले किया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम राज्य में शांति और स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार चलाए जा रहे अभियान और शांति वार्ताओं के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौटने के लिए प्रेरित करना है।
प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस आत्मसमर्पण से राज्य में उग्रवादी गतिविधियों में कमी आएगी और शांति प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। सुरक्षा बलों ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति कायम रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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