शिवानी जायसवाल , मुजफ्फराबाद -
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारी महंगाई, बिजली दरों में बढ़ोतरी और आर्थिक संकट से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर स्थिति अचानक बिगड़ गई और सुरक्षा बलों के साथ टकराव की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद कई इलाकों में पथराव, तोड़फोड़ और झड़पों की खबरें मिलीं।
घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने घटना पर चिंता जताते हुए संयम बरतने की अपील की है। वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके कारण लोगों में असंतोष बढ़ता गया।
आर्थिक चुनौतियों और जन असंतोष के कारण क्षेत्र में राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। फिलहाल प्रशासन हालात को नियंत्रित करने और शांति बहाल करने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
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