पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री इशाक दर ने रविवार को अफगानिस्तान के साथ तुरंत प्रभाव वाले संघर्ष विराम (ceasefire) समझौते का स्वागत किया। यह समझौता कतर और तुर्की की मध्यस्थता में हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने का प्रयास किया गया। इशाक दर ने अपने बयान में कतर और तुर्की की भूमिका की सराहना की और जोर देकर कहा कि इस संघर्ष विराम की निगरानी के लिए ठोस और विश्वसनीय तंत्र स्थापित करना आवश्यक है। उनका कहना था कि इससे अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान की ओर होने वाले आतंकवाद को रोकने में मदद मिलेगी और किसी भी तरह की नागरिक हानि को रोका जा सकेगा।
यह समझौता उन सीमा झड़पों के बाद आया है, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल या मारे गए। हाल ही में पाकिस्तानी हवाई हमलों में कम से कम 10 लोग मारे गए, जिनमें तीन अफगान क्रिकेटर भी शामिल थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शेहबाज शरीफ ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत में कहा कि अफगानिस्तान की भूमि से पाकिस्तान पर होने वाला आतंकवाद गंभीर खतरा है। उन्होंने अफगान अधिकारियों से आतंकवादी नेटवर्क को नष्ट करने और अपने क्षेत्र से हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
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