भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते फेंटानिल (Fentanyl) विवाद ने द्विपक्षीय संबंधों में नई चुनौती खड़ी कर दी है। अमेरिका ने भारत से फेंटानिल और इसके केमिकल प्रीकर्सर्स (कच्चे रसायन) पर सख्त नियंत्रण की मांग की है, जबकि भारत का कहना है कि वह पहले से ही मजबूत कानून और निगरानी तंत्र के तहत कार्रवाई कर रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि भारत वैश्विक स्तर पर फेंटानिल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों का अहम स्रोत बन गया है। उनका कहना है कि इन रसायनों का उपयोग अवैध सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में किया जा रहा है, जिससे अमेरिका में ड्रग्स संकट और मौतों की संख्या बढ़ रही है।
भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर इस अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए काम कर रहा है। भारतीय एजेंसियां रासायनिक निर्यात पर सख्त निगरानी रखती हैं और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करती हैं।
इसके बावजूद, यह मुद्दा भारत-अमेरिका संबंधों में एक संवेदनशील विषय बन गया है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने रासायनिक निर्यात पर और अधिक प्रतिबंध लगाए तथा अपराधियों पर कड़ी सज़ा दे। भारत का तर्क है कि वह पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर रहा है और अपने संप्रभु अधिकारों से समझौता नहीं करेगा।
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