शिवानी जायसवाल , नई दिल्ली - Supreme Court of India ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब हर सोमवार और शुक्रवार को मामलों की सुनवाई अनिवार्य रूप से वर्चुअल मोड में की जाएगी।
इस फैसले का उद्देश्य वकीलों, पक्षकारों और दूरदराज के क्षेत्रों से जुड़े लोगों को राहत देना है। अदालत का मानना है कि ऑनलाइन सुनवाई से समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही मामलों की सुनवाई में तेजी भी आएगी। कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई वर्चुअल सुनवाई व्यवस्था को अब न्यायिक प्रणाली का स्थायी हिस्सा बनाया जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस व्यवस्था से उन वकीलों और याचिकाकर्ताओं को विशेष लाभ मिलेगा जो हर सुनवाई के लिए दिल्ली पहुंचने में कठिनाई महसूस करते हैं। वहीं, कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तकनीकी समस्याओं और इंटरनेट कनेक्टिविटी को लेकर चिंता भी जताई है।
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्चुअल सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। साथ ही, अदालत की डिजिटल प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए तकनीकी सुविधाओं का विस्तार किया जा
रहा है।
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इस कदम से भारतीय निर्यातों पर भारी दबाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि पंजाबी भाषा सीखने का उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा...
जाँच से पता चला है कि घटना मंगलवार रात हुई थी।
सौभाग्य से इस घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे