शिवानी जयसवाल , मुंबई - देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर करीब 9% टूटकर 390.70 रुपये तक पहुंच गया। गिरावट की वजह केंद्र सरकार का ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कंपनी में अपनी 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने का फैसला है। सरकार ने इस OFS का फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जो पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव से लगभग 11% कम है।
OFS के तहत यह पेशकश पहले दिन गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों के लिए खोली गई है, जबकि खुदरा (Retail) निवेशक निर्धारित तिथि पर इसमें हिस्सा ले सकेंगे। वर्तमान में केंद्र सरकार के पास LIC में करीब 96.5% हिस्सेदारी है। हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी सरकार कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी और LIC पर उसका नियंत्रण बरकरार रहेगा।
सरकार इस हिस्सेदारी बिक्री के जरिए हजारों करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इस राशि का उपयोग राजकोषीय घाटा कम करने, विकास परियोजनाओं और अन्य सरकारी योजनाओं के वित्तपोषण में किया जा सकता है। इसके अलावा, सूचीबद्ध कंपनियों में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने से जुड़े नियामकीय प्रावधानों का पालन करना भी सरकार के इस कदम का एक प्रमुख उद्देश्य माना जा रहा है।
शिवानी जयसवाल , मुंबई - देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर करीब 9% टूटकर 390.70 रुपये तक पहुंच गया। गिरावट की वजह केंद्र सरकार का ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कंपनी में अपनी 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने का फैसला है। सरकार ने इस OFS का फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जो पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव से लगभग 11% कम है।
OFS के तहत यह पेशकश पहले दिन गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों के लिए खोली गई है, जबकि खुदरा (Retail) निवेशक निर्धारित तिथि पर इसमें हिस्सा ले सकेंगे। वर्तमान में केंद्र सरकार के पास LIC में करीब 96.5% हिस्सेदारी है। हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी सरकार कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी और LIC पर उसका नियंत्रण बरकरार रहेगा।
सरकार इस हिस्सेदारी बिक्री के जरिए हजारों करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इस राशि का उपयोग राजकोषीय घाटा कम करने, विकास परियोजनाओं और अन्य सरकारी योजनाओं के वित्तपोषण में किया जा सकता है। इसके अलावा, सूचीबद्ध कंपनियों में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने से जुड़े नियामकीय प्रावधानों का पालन करना भी सरकार के इस कदम का एक प्रमुख उद्देश्य माना जा रहा है।
Meta CEO मार्क जुकरबर्ग ने पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मांगी माफी
₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर लग सकती है फीस, MDR लागू करने पर मंथन
6 अगस्त को मुंबई में 2,000 Gen Z और Gen Alpha छात्रों से संवाद करेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत
मार्क जुकरबर्ग को प्रधानमंत्री का वीडियो हटाने के लिए माफी मांगनी चाहिए'
दिल्ली एयरपोर्ट के पास एयर इंडिया की फ्लाइट भीषण टर्बुलेंस की चपेट में, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
हॉर्मुज और लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क की मांग, वैश्विक समुद्री मार्गों पर बढ़ी बहस
राम मंदिर चंदा विवाद पर सपा का प्रदर्शन, यूपी विधानसभा का मानसून सत्र हंगामे के साथ शुरू
AISA ने एंटी-पेपर लीक आंदोलन को देशभर में विस्तार देने का किया आह्वान
आज से सावन का पहला सोमवार, शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
राहुल गांधी पर अश्लील वीडियो पोस्ट करने के मामले में 3 इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ FIR दर्ज
पीएम मोदी ने ट्वीट कर नीरज चोपड़ा को दी बधाई, शानदार प्रदर्शन की सराहना
ईरान युद्ध के बीच केंद्र सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडर किया सस्ता, कारोबारियों को बड़ी राहत
गूगल भी कंगना को गलत जानकारी देता है', सौरव दास का तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बीच अहम बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
राष्ट्रपति से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
NEET पेपर लीक को लेकर विरोध तेज, जवाबदेही और मंत्री के इस्तीफे की मांग
बच्चों की सुरक्षा के लिए UAE का बड़ा फैसला, सोशल मीडिया इस्तेमाल की न्यूनतम उम्र...
ट्रंप के दावे के बाद भी नहीं थमा संघर्ष, लेबनान में नए हमलों में 5 की मौत
चार साल में दूसरी बड़ी टूट की आहट, फिर संकट में ठाकरे की शिवसेना
NTA की गलती से NEET छात्र का परीक्षा केंद्र पहुंचा आबूधाबी, परिवार ने उठाए सवाल